कोरोनावायरस पूरे मध्यप्रदेश में राहत, उज्जैन में आउट ऑफ कंट्रोल /
भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या भले ही इंदौर और भोपाल में ज्यादा हो परंतु मरीजों की मृत्यु दर (20%) सबसे ज्यादा उज्जैन में है। यहां 201 मरीजों में से 42 की मौत हो चुकी है जबकि 16 लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। सरकार ने उज्जैन में आरडी गार्डी अस्पताल को कोविड सेंटर बनाया था परंतु मरीजों के लिए यह अस्पताल मौत का घर साबित हुआ। स्थिति आउट ऑफ कंट्रोल हो जाने के बाद सरकार ने आरडी गार्डी अस्पताल के विकल्प खोज लिए हैं। नए मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भर्ती किया जाएगा।


मुख्यमंत्री को उज्जैन जिले की विशेष समीक्षा करनी पड़ी 


उज्जैन जिले की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि उज्जैन में विशेषज्ञ चिकित्सक लगाए जाएं। हमें पूरा प्रयास करना होगा कि वहां एक भी संक्रमित की कोरोना से मृत्यु न हो। प्रेस को भेजे गए शासकीय प्रतिवेदन में बताया गया है कि आरडी गार्डी अस्पताल के अलावा उज्जैन में ट्रॉमा सेंटर भी शीघ्र कोविड अस्पताल के रूप में प्रारंभ हो जाएगा। इसके अलावा भंडारी अस्पताल इंदौर में भी 100 बेड उज्जैन के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। मुख्य सचिव श्री बैंस ने निर्देश दिए कि बड़नगर की व्यवस्थाओं की दोबारा समीक्षा की जाए। 

मध्यप्रदेश में एक्टिव केसेस की संख्या में निरंतर कमी


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केसेस की संख्या में निरंतर कमी आ रही है। जितने नए पॉजिटिव प्रकरण मिल रहे हैं, उनसे कहीं अधिक कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में वीसी के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान तथा अन्य संबंधित उपस्थित थे।

 

132 डिस्चार्ज 114 नए प्रकरण


एसीएस हेल्थ श्री मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि 7 मई को प्रदेश में प्राप्त कोरोना टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कोरोना के 114 नए प्रकरण मिले हैं। वहीं 132 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। प्रदेश में कोरोना के एक्टिव प्रकरण की संख्या 26 कम हुई है। अब प्रदेश में करोना के एक्टिव प्रकरण 1828 है।